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अब बिना GPS नहीं चलेगें खनन वाहन

अब बिना GPS नहीं चलेगें खनन वाहन

राजस्थान में अवैध खनन, खनिज परिवहन और रॉयल्टी चोरी पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खान एवं पेट्रोलियम विभाग ने 30 जून से नई डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू की  है। जानकारी के मुताबिक अब प्रदेश में खनिज परिवहन से जुड़े किसी भी वाहन को बिना जीपीएस आधारित व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और आरएफआईडी टैग के खनिज ढोने की अनुमति नहीं मिलेगी। ऐसे वाहनों को ई-रवन्ना जारी नहीं किया जाएगा, जिससे वे खनिज का परिवहन नहीं कर सकेंगे। विभाग ने पहले माइनिंग लीज धारकों और ट्रांसपोर्टरों के आग्रह पर समय सीमा बढ़ाई थी, लेकिन अब स्पष्ट कर दिया गया है कि नई व्यवस्था का पालन सभी के लिए अनिवार्य होगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी धर्मकांटों (वे-ब्रिज) को भी ऑटोमेशन सिस्टम से जोड़कर विभागीय पोर्टल पर लाइव किया जा रहा है, जिससे वाहनों का वजन सीधे ऑनलाइन दर्ज होगा और वजन में हेराफेरी, फर्जी बिलिंग तथा रॉयल्टी चोरी जैसी अनियमितताओं पर रोक लगाई जा सकेगी। तय समय सीमा तक ऑटोमेशन पूरा नहीं करने वाले धर्मकांटों को विभागीय पोर्टल से हटाया  जाएगा और वहां से जारी ई-रवन्ना मान्य नहीं होगा।

नई व्यवस्था के तहत सभी माइनिंग लीज धारकों, ट्रांसपोर्टरों और धर्मकांटा संचालकों को विभाग के निर्देशों का पालन करना होगा। VLTD और RFID सिस्टम के जरिए हर वाहन की लाइव लोकेशन पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी। यदि कोई वाहन निर्धारित मार्ग से हटता है, बीच रास्ते जीपीएस डिवाइस हटा दिया जायेगा  वाहन तय गंतव्य तक नहीं पहुंचता, तो इसकी सूचना तुरंत माइंस विभाग के कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अपने मोबाइल फोन पर भी वाहनों की लाइव ट्रैकिंग कर सकेंगे और किसी भी समय रैंडम जांच कर सकेंगे। खान विभाग के मुताबिक इस डिजिटल सिस्टम के लागू होने से खनिज परिवहन पूरी तरह पारदर्शी होगा, अवैध खनन और अवैध परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, राजस्व चोरी पर रोक लगेगी और सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी की निगरानी पहले से कहीं अधिक मजबूत और प्रभावी हो पायेगी 

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