जयपुर संभाग

एसएमएस अस्पताल: धारदार हथियार से कटे जननांग को प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ा, 40 दिन में स्वस्थ हुआ युवक

जयपुर के एसएमएस अस्पताल में प्लास्टिक सर्जरी विभाग की टीम ने एक 29 वर्षीय युवक के धारदार हथियार से कटे जननांग को सफलतापूर्वक जोड़कर उसे 40 दिनों के उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ कर दिया है।

एसएमएस अस्पताल: धारदार हथियार से कटे जननांग को प्लास्टिक सर्जरी से जोड़ा, 40 दिन में स्वस्थ हुआ युवक

जयपुर के सवाई मान सिंह (SMS) अस्पताल के डॉक्टरों ने एक बेहद जटिल मामले में 29 वर्षीय युवक के कटे हुए जननांग को सफलतापूर्वक जोड़कर उसे नई जिंदगी दी है। धारदार हथियार से हमले के कारण युवक का जननांग लगभग पूरी तरह कट गया था।

4 घंटे के भीतर पहुंची मदद युवक को गंभीर हालत में घटना के करीब चार घंटे बाद एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर लाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्लास्टिक एवं पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा विभाग की टीम ने तुरंत आपातकालीन सर्जरी शुरू की। विभागाध्यक्ष डॉ. राकेश कुमार जैन के मार्गदर्शन में यूनिट हेड डॉ. संगीता ठाकुरानी की टीम ने यह ऑपरेशन किया।

जटिल सर्जरी और रिकवरी सर्जरी के दौरान डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त मूत्र मार्ग, स्पॉन्जियोसम और कॉर्पोरा की अत्यंत सूक्ष्म मरम्मत की। डॉ. मुकुल धाभाई, डॉ. नवप्रीत और डॉ. ईशिता गौर की टीम ने इस जटिल प्रक्रिया को पूरा किया। करीब 40 दिनों के गहन उपचार और निगरानी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया है और अब वह सामान्य रूप से मूत्र त्याग करने में सक्षम है।

प्लास्टिक सर्जरी का दायरा डॉ. राकेश कुमार जैन ने बताया कि प्लास्टिक सर्जरी केवल सुंदरता बढ़ाने का माध्यम नहीं है। उन्होंने कहा- "गंभीर सड़क दुर्घटनाओं, औद्योगिक हादसों, अंग कटने और जलने जैसी चोटों के बाद पुनर्निर्माण सर्जरी मरीजों के शरीर के साथ-साथ उनका आत्मविश्वास और सम्मान भी लौटाती है।"

सवाल और जवाब

एसएमएस अस्पताल में किस तरह की जटिल सर्जरी सफल रही?

एसएमएस अस्पताल के डॉक्टरों ने 29 वर्षीय युवक के धारदार हथियार से कटे जननांग की सफल पुनर्निर्माण सर्जरी की है।

मरीज को पूरी तरह स्वस्थ होने में कितना समय लगा?

सर्जरी के बाद लगभग 40 दिनों के उपचार और निरंतर निगरानी के बाद मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गया।

प्लास्टिक सर्जरी का मुख्य उद्देश्य क्या है?

प्लास्टिक सर्जरी केवल कॉस्मेटिक नहीं है, इसका उद्देश्य गंभीर दुर्घटनाओं, जलने या जन्मजात विकृतियों के बाद अंगों का पुनर्निर्माण करना और मरीज का आत्मविश्वास लौटाना है।

जयपुर संभाग की और खबरें

सभी खबरें